जयपुर। “खेत बचाओ किसान बचाओ यात्रा” के संयोजक डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत ने राजस्थान सरकार से किसानों को हर महीने बिजली के बिल के भुगतान करने की व्यवस्था को प्रति छ: महीने में एक बार करने की माँग करते हुए सरकार को 20 अगस्त 2018 तक इस पर निर्णय " करने का समय दिया है ,अगर 20 अगस्त तक सरकार किसानों को दिये गये
बिजली बिलों पर निर्णय नहीं करती है तो 21 अगस्त 2018 से जयपुर जिले के किसान बिजली बिल बन्दी” आन्दोलन शुरू करेंगे जिसके तहत जयपुर जिले के किसान अपने बिजली के बिल तब तक जमा नहीं करायेंगे जब तक कि सरकार छः महीने में एक बार बिल जमा करने का निर्णय नहीं कर लेती है।
डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि 11 जुलाई 2018 से “खेत बचाओ किसान बचाओ” यात्रा शुरू करने के बाद से पिछले पच्चीस दिनों में जयपुरं - जिले के 150 से ज्यादा गाँवों में किसान सभायें आयोजित की गई जहाँ खेती-किसानी से जुड़े सभी मुद्दों व समस्याओं पर किसानों के साथ चर्चा हुई।
डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि 150 से ज्यादा गाँवों में किसान सभाओं में किसानों ने जहाँ एक ओर समय पर बिजली नहीं मिलने, खाद व बीज की अनुपलब्धता की बात कही वहीं खेती हेतु सिंचाई के पानी की कमी को लेकर गंभीर चिन्ता व असंतोष जाहिर किया। इन विषम परिस्थितियों के बावजूद भी खेती व पशुपालन करने वाले किसानों ने दूध के कम दाम मिलने, सब्जी के दाम तय नहीं होने तथा समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद नहीं होने को लेकर गहरा असंतोष व्यक्त किया।
डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि जहाँ एक ओर विषम परिस्थितियों में खेतीबाड़ी कर रहे जयपुर जिले के किसान को दूध व सब्जी का उचित दाम । नहीं मिल रही, उसकी लागत भी वसूल नहीं हो पा रही है वहीं दूसरी ओर सरकार ने हर 20-25 दिन में किसान को बिजली का बिल देकर उस पर नया भार लाद दिया है।
किसानों की हर महीने बिजली के बिल की इस ज्वलन्त समस्या के बारे में डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि किसान के अनुसार जब उसके द्वारा बोयी गई फसल छः महीने में एक बार होती है तो वह हर 25 दिन में बिजली का बिल कैसे जमा करायेगा। डॉ. शेखावत ने कहा कि एक ओर किसान को उसके द्वारा उत्पादित दूध व सब्जी की लागत भी नहीं मिल पा रही है, किसान कर्ज के बोझ से दबा पड़ा है और उसके द्वारा बोयी गई फसल छः महीने में एक बार होती है तो सरकार ही बताये कि वह हर 20-25 दिन में बिजली के बिल का भुगतान किस प्रकार से करेगा? | डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत ने राजस्थान सरकार से माँग करते हुए कहा कि वह 20 अगस्त 2018 तक किसानों को दिये गये बिजली के बिल पर अपना निर्णय बदलकर प्रत्येक छः महीने में एक बार भुगतान का आदेश जारी करे अन्यथा 21 अगस्त 2018 से जयपुर जिले के किसान अपना बिजली का बिल जमा नहीं करवाकर बिजली बिल बन्दी” आन्दोलन प्रारम्भ करेंगे।
बिजली बिलों पर निर्णय नहीं करती है तो 21 अगस्त 2018 से जयपुर जिले के किसान बिजली बिल बन्दी” आन्दोलन शुरू करेंगे जिसके तहत जयपुर जिले के किसान अपने बिजली के बिल तब तक जमा नहीं करायेंगे जब तक कि सरकार छः महीने में एक बार बिल जमा करने का निर्णय नहीं कर लेती है।
डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि 11 जुलाई 2018 से “खेत बचाओ किसान बचाओ” यात्रा शुरू करने के बाद से पिछले पच्चीस दिनों में जयपुरं - जिले के 150 से ज्यादा गाँवों में किसान सभायें आयोजित की गई जहाँ खेती-किसानी से जुड़े सभी मुद्दों व समस्याओं पर किसानों के साथ चर्चा हुई।
डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि 150 से ज्यादा गाँवों में किसान सभाओं में किसानों ने जहाँ एक ओर समय पर बिजली नहीं मिलने, खाद व बीज की अनुपलब्धता की बात कही वहीं खेती हेतु सिंचाई के पानी की कमी को लेकर गंभीर चिन्ता व असंतोष जाहिर किया। इन विषम परिस्थितियों के बावजूद भी खेती व पशुपालन करने वाले किसानों ने दूध के कम दाम मिलने, सब्जी के दाम तय नहीं होने तथा समर्थन मूल्य पर फसल की खरीद नहीं होने को लेकर गहरा असंतोष व्यक्त किया।
डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि जहाँ एक ओर विषम परिस्थितियों में खेतीबाड़ी कर रहे जयपुर जिले के किसान को दूध व सब्जी का उचित दाम । नहीं मिल रही, उसकी लागत भी वसूल नहीं हो पा रही है वहीं दूसरी ओर सरकार ने हर 20-25 दिन में किसान को बिजली का बिल देकर उस पर नया भार लाद दिया है।
किसानों की हर महीने बिजली के बिल की इस ज्वलन्त समस्या के बारे में डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत ने बताया कि किसान के अनुसार जब उसके द्वारा बोयी गई फसल छः महीने में एक बार होती है तो वह हर 25 दिन में बिजली का बिल कैसे जमा करायेगा। डॉ. शेखावत ने कहा कि एक ओर किसान को उसके द्वारा उत्पादित दूध व सब्जी की लागत भी नहीं मिल पा रही है, किसान कर्ज के बोझ से दबा पड़ा है और उसके द्वारा बोयी गई फसल छः महीने में एक बार होती है तो सरकार ही बताये कि वह हर 20-25 दिन में बिजली के बिल का भुगतान किस प्रकार से करेगा? | डॉ. नगेन्द्र सिंह शेखावत ने राजस्थान सरकार से माँग करते हुए कहा कि वह 20 अगस्त 2018 तक किसानों को दिये गये बिजली के बिल पर अपना निर्णय बदलकर प्रत्येक छः महीने में एक बार भुगतान का आदेश जारी करे अन्यथा 21 अगस्त 2018 से जयपुर जिले के किसान अपना बिजली का बिल जमा नहीं करवाकर बिजली बिल बन्दी” आन्दोलन प्रारम्भ करेंगे।
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