बुधवार, 4 मार्च 2020

राजस्थान रोडवेज कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन, बजट से हैं नाखुश

जयपुर। राजस्थान रोडवेज  के 6 श्रमिक संगठनों ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। श्रमिक संगठन एटक, सीटू, इंटक, आरएसआरटीसी रिटायर्ड एम्पलाइज एसोसिएशन, बीजेएमएम और कल्याण समिति के संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को प्रदेश भर के रोडवेज कर्मचारियों ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया।

राजधानी जयपुर में सिंधी कैंप बस स्टैंड से हजारों की संख्या में रोडवेज कर्मचारियों की रैली रवाना होकर सिविल लाइंस फाटक पहुंची, जहां पर सभा का आयोजन किया गया।  रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार को सत्ता में आए 14 महीने होने के बाद भी रोडवेज कर्मचारियों की मांगे पूरी नहीं की गई। रोडवेज कर्मचारियों ने कहा कि कांति प्रतिमाह मिलने वाले अनुदान में भी इस बार सरकार ने बजट में कटौती कर दी है, जिससे कर्मचारियों में काफी आक्रोश है। सरकार जल्द ही हमारी मांगों को पूरी नहीं करेगी तो प्रदेश स्तर पर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।

रोडवेज कर्मचारियों ने कहा कि यह विरोध प्रदर्शन राज्य सरकार के बजट में रोडवेज उद्योग और रोडवेज कर्मचारियों की मांगों की उपेक्षा के कारण किया जा रहा है। कर्मचारियों ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि रोडवेज को 45 करोड़ रुपये प्रति माह का अनुदान जारी रखा जाए। बकाया राशि का एकमुश्त भुगतान किया जाए। रोडवेज में सातवां वेतनमान लागू किया जाए। समस्त बकाया सेवानिर्वत परिलाभो के भुगतान के लिए बजट में प्रावधान होना चाहिए। रोडवेज बेड़े में 2000 नई बसें खरीदी जाए। वाहन संचालन व्यवस्था से सीधे जुड़े रिक्त पदों पर भर्ती की जाए। भाजपा द्वारा राष्ट्रीयकृत किए गए सभी मार्गों का वापस राष्ट्रीयकरण किया जाए और प्राइवेट बसों की अवैध संचालन पर सख्ती से रोक लगाई जाए।

रोडवेज कर्मचारियों ने कहा कि भाजपा सरकार के दौरान पीसीसी अध्यक्ष डिप्टी सीएम सचिन पायलट और परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास ने सिंधी कैम्प आकर कहा था कि रोडवेज कर्मचारियों की मांग वाजिब  हैं यदि कांग्रेस सत्ता में आती है तो आपकी मांगों पर सकारात्मक लेते हुए पूरा किया जाएगा, लेकिन 14 महीने कांग्रेस को सत्ता में आए हो गए अभी भी रोडवेज कर्मचारियों की मांगों व चुनावी घोषणा पत्र में किए वायदों को पूरा नहीं कर रही है।


रोडवेज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष यादव ने मंच से संबोधन करते हुए बताया कि कांग्रेस सरकार का दूसरा बजट आया है। जो कि रोडवेज कर्मचारियों के लिए निराशाजनक है। इस बजट से रोडवेज के कर्मचारी में भारी आक्रोश है। रोडवेज के 6 संगठनों के संयुक्त मोर्चा की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। रोडवेज कर्मचारियों की इस बजट से बड़ी उम्मीदें थी, लेकिन पूरी नहीं हुई। सातवां वेतनमान रोडवेज में नई बसों की खरीद, खाली पदों पर भर्ती और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का बकाया भुगतान मिलने संबंधित कई मांगे हैं।

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