बुधवार, 4 मार्च 2020

पात्रता रखने के बावजूद प्रदेश के करीब 50 हजार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिल पा रहा है

जयपुर। पात्रता रखने के बावजूद प्रदेश के करीब 50 हजार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं मिल पा रहा है। राजस्थान विधानसभा  में दिए गए एक सवाल के जवाब में राज्य सरकार ने माना की एक सीमा निर्धारित किए जाने के चलते ऐसा हो रहा है। वहीं, सरकार की ओर से पेश जवाब में यह भी कहा गया कि फिलहाल स्नातक योग्यता नहीं रखने वाले युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने का भी कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

मुख्यमंत्री युवा सम्बल योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को 3 हजार और 3500 रुपए भत्त देने का प्रावधान राज्य सरकार द्वारा किया गया है, लेकिन पात्रता रखने के बावजूद 50 हजार से ज्यादा बेरोजगार युवाओं को यह भत्ता नहीं मिल पा रहा है। विधानसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक अनिता भदेल ने बेरोजगारी भत्ते से जुड़ा सवाल उठाया। 

सवाल का जवाब देते हुए मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि योजना के तहत 3 लाख 17 हजार 293 बेरोजगारों के आवेदन आए हैं। जांच के बाद इनमें से 2 लाख 10 हजार 321 को पात्र माना गया है। वर्तमान में 1 लाख 59 हजार 728 बेरोजगारों को भत्ता दिया जा रहा है। पिछली सरकार ने एक लाख बेरोजगारों को भत्ते की सीमा निर्धारित की थी। अब इस सीमा को बढ़ाकर 1 लाख 60 हजार किया गया है। पिछली सरकार के 5 साल में 1.56 लाख बेरोजगारों को ही भत्ता मिला था। जबकि पिछले 1 साल में ही 1.42 लाख को भत्ता दिया गया। पिछली सरकार के 5 साल में 121.60 करोड़ की राशि भत्ते के रुप में दी गई जबकि अब पिछले 1 साल में ही 287 करोड़ रुपए दिए जा चुके हैं।


मंत्री के जवाब पर विपक्ष ने ऐतराज जताते हुए पूछा कि आखिर पात्रता होने के बावजूद 50 हजार युवा बेरोजगारी भत्ते से वंचित क्यों है? क्या जन घोषणा पत्र में यह बिन्दू शामिल करते वक्त कोई सीमा निर्धारित की गई थी? इस पर मंत्री अशोक चांदना ने विपक्ष पर ही पलटवार करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने ही एक लाख की सीमा निर्धारित की थी जिसे बढ़ाकर अब एक लाख 60 हजार किया गया है। जहां तक जन घोषणा पत्र का सवाल है तो उसमें कहा गया था कि शिक्षित और जरुरतमंदों को भत्ते का प्रावधान होगा। मंत्री ने कहा कि सूची से जैसे-जैसे लोग बाहर होते जाएंगे वैसे-वैसे उसमें पात्रताधारी दूसरे बेरोजगारों को शामिल कर लिया जाएगा। वहीं, चांदना ने यह भी कहा कि फिलहाल स्नातक योग्यता नहीं रखने वाले बेरोजगार युवाओं को भत्ता देने का कोई भी प्रस्ताव सरकार के पास विचाराधीन नहीं है।

सवाल के जवाब में सरकार ने प्रदेश में बेरोजगारों से जुड़े आंकड़े भी सदन में पेश किए जिसके मुताबिक विभाग में 12 लाख 91 हजार से ज्यादा बेरोजगार पंजीकृत है। पंजीकृत बेरोजगारों में से 9 लाख 30 हजार से ज्यादा स्नातक और करीब साढे 85 हजार अधिस्नातक हैं। दसवीं पास से कम योग्यता रखने वाले केवल करीब साढे 74 हजार बेरोजगार विभाग में पंजीकृत हैं।

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