हमारे देश व समाज की बहुत बड़ी खासियत यह है कि हम लोग हर चीज को जाति व धर्म के आधार पर बांट देते हैं। हमने कपड़े, पहनावे, खाने, फलों से लेकर रीति-रिवाज तक को धर्म के आधार पर बांटा हुआ है। वैसे जब मैं पिछले दिनों जब एक ऊंचे पाजमें वाला पायजामा पहनकर घूम रहा था तो किसी ने कटाक्ष किया कि यह मुसलमान की तरह ऊंचे पाजमें वाला पायजामा पहनकर क्यों घूम रहे हो। हम खीर को हिंदू व फिरनी को मुसलमान मानते हैं। मंगल व केसरिया रंग हिंदुओं का है तो शुक्रवार व हरा रंग मुसलमानों का माना जाता है। हाल ही में जब विदेश में रह रहे अपराधी रवि पुजारी को भारत लाए जाने की खबर पढ़ी तो यह घटना याद आ गई। रवि पुजारी को हिंदू अपराधी माना जाता है वह तो खुद यह दावा करता आया है। सरकार के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि हैं। जहां भारत को आर्थिक चूना लगाकर फरार हो जाने वाले तमाम लोग अभी तक नहीं ला पाए गए हैं। वहीं रवि पुजारी, अबू सलेम, दाऊद इब्राहीम के भाई इकबाल कस्कर, छोटा शकील के जीजा आरिफ व रवि पुजारी के करीबी अशोक, मुस्तफा डोसा, बंटी, छोटा राजन सरीखे विदेश भाग गए अपराधियों को स्वदेश लाने में सरकार कामयाब रही।
जाने-माने अपराधी रवि पुजारी की पुलिस 20 सालों से तलाश कर रही थी। उस पर हत्या, फिरौती मांगने, धमकाने सरीखे गंभीर अपराधों में लिप्त होने के 200 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह बहुत शातिर गैंगस्टर हैं। कर्नाटक के मंगलौर के रहने वाला यह अपराधी बहुत ही भयानक है उसके खिलाफ अकेले कर्नाटक में 90 से ज्यादा मामले दर्ज थे। इनमें से आधे बेंगलुरु में व आधे से ज्यादा मंगलौर में दायर किए जा चुके हैं। इनमें उसके द्वारा जाने-माने कुकरेजा बिल्डर, ओम प्रकाश कुकरेजा की हत्या करने का मामला भी शामिल है। वह बचपन में ही कर्नाटक से भागकर काम की तलाश में मुंबई आ गया था। वहां वह अंधेरी इलाके में रहने लगा था। वह एक चाय वाले की दुकान पर ग्राहकों के पास चाय पहुंचने का काम करता था। बताते हैं कि वह दाऊद इब्राहिम के गैंग के लिए भी चाय पहुंचने लगा क्योंकि उसके गैंग का एक अपराधी श्रीकांत देसाई उसे बहुत पसंद करता था। बाद में वह खुद ही छोटे-मोटे अपराध करने लगा और उसने श्रीकांत देसाई की हत्या करने वाले एक स्थानीय अपराधी की हत्या कर दी। ऐसा करके वह दाऊद इब्राहीम का करीबी बन गया।
जब 1993 में मुंबई में दाऊद इब्रहीम ने बम विस्फोट करवाएं तो उसका गिरोह धार्मिक आधार पर बंट गया। छोटा राजन व कुछ दूसरे हिंदू अपराधी उससे अलग हो गए। पहले रवि पुजारी छोटा राजन के साथ मिल गया और फिर उसकी देखा-देखी उसने खुद को हिंदू समर्थक घोषित कर दिया। वह कर्नाटक व मुंबई के मुस्लिम बिल्डरों से पैसा वसूलने लगा व धमकाने के लिए उनकी हत्या भी कर देता था। उसने जाने-माने वकील व माजिद मेनन पर हमला किया। उसने युवक कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रमेश चेन्नीवला से लेकर कर्नाटक सरकार के दो मंत्रियों को इसलिए धमकाया क्योंकि उसकी नजर में वे लोग बजरंग दल के एक कार्यकर्ता के हत्यारे को बचा रहे थे। इस दौरान उसने यह कहना शुरू कर दिया कि वह तो हिंदू धर्म का कट्टर समर्थक है व मुसलमानों से बदला लेना चाहता है। वह 2005 में भारत से भाग कर दुबई चला गया और अपने परिवार को साथ ले गया जिसमें उसकी पत्नी दो बेटियां व एक बेटा था। वहां से वह नकली पासपोर्ट के जरिए आस्ट्रेलिया चला गया। वह जाने-माने बिल्डरों व अभिनेता से पैसा वसूलता था व आस्ट्रेलिया से सेनेगल चला गया व पश्चिमी अफ्रीका के देश में उसने अपनी पहचान बदल ली। उसने खुद को भारतवासी साबित करने के लिए ‘नमस्ते इंडिया’ नाम से अफ्रीकी देश में होटल श्रृंखला खोल दी। वह बहुत होशियार था। वे फिरौती वसूलने के लिए वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करता था कि जिससे उसके इलाके का पता न लगाया जा सके। वह अफ्रीका से फोन करता था व फोन टेप करने पर पता चलता था कि वह यूरोप से फोन कर रहा है। उसने सेनेगल में क्रिकेट टूर्नामेंट करवाने शुरू दिए। वह लोगों की आर्थिक मदद करने लगा। पुलिस उसके पीछे काफी साल पहले ही पड़ गई थी।
भारतीय पुलिस द्वारा सूचना देने पर उसे 2018 में सेनेगल में गिरफ्तार किया गया। फिर वह पड़ोसी देश बुर्किना फासो भाग गया। इंटरपोल ने उसकी गिरफ्तारी के लिए 13 रेड कार्नर वारंट जारी किए थे। उसने अपना नाम बदलकर एंटोनी फर्नांडीज रख लिया था व बुर्किना फासो में अपना व अपने परिवार के नकली पासपोर्ट भी बनवा लिए थे। वहां उसने खुद को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार करवाया व जमानत पर छूट कर फरार हो गया। क्योंकि वहां के कानून के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति पर उस देश में कोई अपराधी मामला चल रहा हो तो उसे किसी और अपराधिक मामले में किसी दूसरे देश नहीं भेजा जा सकता था। उसे पुनः गिरफ्तार कर लिया गया। प्रत्यावर्तन की तुलना में किसी को वापस भेजना काफी सफल सरल होता है। उसने खुद को एंटोनी फर्नांडीज साबित करने की कोशिश की मगर वह इसमें सफल नहीं हुआ। अंतः भारतीय पुलिस उसे बेंगलुरु लेकर आ गई अब वह कर्नाटक पुलिस व रॉ की गिरफ्त में है। देखना यह है कि उसे सजा मिल पाती है या नहीं।

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