मंगलवार, 3 मार्च 2020

राजस्थान के खिलाड़ियों के लिए , खेलमंत्री ने उनके भविष्य के लिए किया खास ऐलान

जयपुर। राजस्थान विधानसभा में मंगलवार को खेल और युवा मामलात विभाग की अनुदान मांगों और कटौती प्रस्ताव पर चर्चा हुई। सदन में यह पहला मौका था, जब केवल खेल विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। इस दौरान 81 कटौती प्रस्ताव आए। 

खेल मंत्री अशोक चांदना ने अनुदान मांगों पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार जल्द ही प्रदेश में खेल नीति जारी करेगी। चांदना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन वाले करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में नियुक्ति देने पर भी विशेष योजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार बिना वैकेंसी के भी नियुक्ति देने को लेकर जल्द योजना जारी करेगी। 

मंगलवार को विधानसभा में खेल विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा हुई। इस दौरान सदस्यों की तरफ से अलग-अलग सुझाव आए। ज्यादातर सदस्यों ने अपने यहां पर खेल मैदान की कमी और प्रशिक्षकों की कमी का जिक्र किया। कई विधायकों ने खिलाड़ियों के लिए सुविधाएं बढ़ाने के साथ ही बच्चों में मोबाइल के बढ़ते चलन पर भी ध्यान देने का जिक्र किया। 


खेल विद्यालय शुरू करने की योजना पर हो रहा काम

विभाग की अनुदान मांगों और कटौती प्रस्ताव पर जवाब देते हुए खेल मंत्री अशोक चांदना ने कहा कि सरकार प्रदेश में जल्द ही खेल विद्यालय शुरू करने की योजना बना रही है। ऐसे विद्यालयों में बचपन से ही बच्चों में खेल प्रतिभा विकसित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

खेल मंत्री अशोक चांदना ने बताया कि प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को सम्मान और भविष्य की सुरक्षा देने के लिए सरकार आउट ऑफ टर्न अपॉइंटमेंट पॉलिसी भी लेकर आएगी। इसके तहत वैकेंसी नहीं होने पर भी अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी जाएगी और बाद में वैकेंसी आने पर उस में समायोजित कर लिया जाएगा। चांदना ने कहा कि राजस्थान इस तरह की पॉलिसी लाने वाला देश का पहला राज्य होगा।

खेल मंत्री ने कहा कि प्रदेश में अलग-अलग जगह खेल मैदान विकसित करने के लिए निजी दानदाताओं का सहयोग भी लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई दान दाता खेल मैदान के लिए जमीन देगा तो उस जमीन पर उपयोग परिवर्तन शुल्क नहीं लगेगा।


आरएसएस पर भी साधा निशाना

आरएसएस पर परोक्ष टिप्पणी करते हुए चांदना ने कहा कि स्टेडियम में कई तरह के कैंप आयोजित होते हैं। कुछ कैंप ऐसे भी होते हैं, जिनमें छोटे बच्चों के हाथों में लाठियां थमा दी जाती हैं और वह भविष्य में मारने के काम भी आती हैं। बिना नाम लिए आरएसएस की शाखाओं पर निशाना साधते हुए चांदना ने यह बात कही तो एकबारगी सदन में विपक्ष की तरफ से प्रतिक्रिया भी आई, लेकिन सभापति राजेंद्र पारीक ने चांदना को विषय पर अपना संबोधन केंद्रित रखने को कहा। खेल मंत्री ने पहली बार खेल विभाग की मांगों और कटौती प्रस्तावों पर चर्चा में भाग लेने के लिए सदन का भी आभार जताया।

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