जयपुर। लोकसभा चुनाव को लेकर आम जनता से लेकर प्रबुद्धजनों तक उत्साह और उमंग है और मतदान करना कर्तव्य भी है, क्योंकि देश को चलाने के लिये किसी न किसी को तो जिम्मेदारी देनी ही होगी
पर निर्वाचन विभाग द्वारा चुनाव करवाने में हो रहे खर्च का भार स्पष्ट है कि आम जन पर ही पडेगा। जबकि आम जनता अपनी जरूरतों को पूरी करने में ही कमर टूटती हुई महसूस कर रही है । चुनाव खर्च का जब बोझ जनता पर पडेगा तो जनता झेल पाएगी। अभी तक जनता द्वारा चुनी गई सरकारें जो रोजगार मुहैया करना चाहिये उसमें नाकाम रहे। आने वाली सरकार से क्या उम्मीदें जताएगी जनता। क्योंकि हर बार जनता धोखा ही खाती है।
आम लोकसभा चुनाव 2019 में राजस्थान निर्वाचन विभाग 260 करोड रूपये खर्च करने जा रही है। जबकि गत वर्ष में राजस्थान विधानसभा चुनाव में 250 करोड रूपये खर्च हुए थे। 2014 के लोकसभा चुनाव की बात करेें तो राजस्थान निर्वाचन विभाग ने 175 करोड रूपये खर्च किया था।
जबकि 2009 में हुए लोकसभा चुनाव की बात करें तो मात्र 67 करोड रूपये खर्च किया गया था। 2019 में हो रहा लोकसभा चुनाव,चुनाव विभाग द्वारा 260 करोड रूपये राज्य सरकार द्वारा खर्च किया जायेगा। जिसका पुन: भरण भारत सरकार द्वारा चुनाव सम्पन्न होने के बाद किया जायेगा। 260 करोड रूपये इन मदो में खर्च होंगे। मतदान कार्मिक, वाहन अधिकरण, टेंट, बिजली पानी, मतदानकार्मिकों की ट्रेनिंग तथा प्रचार प्रसार में खर्च किये जायेंगे।

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