शनिवार, 9 मई 2020

 जयपुर। किसान राज्य सरकार की ओर से कृषक कल्याण टैक्स का विरोध कर रहे हैं। हरी सब्जी उत्पादक किसान वेलफेयर संस्था ने सरकार से उस टैक्स को वापस लेने की मांग की है। 

राज्य सरकार ने हाल ही कृषि जिंसों पर 2% कृषक कल्याण टैक्स लगाया है। इसका मकसद ऊपर से की जा रही आय में टैक्स से किसानों के कल्याण की योजनाएं लागू की जाएगी। इधर टैक्स लागू करने के साथ ही प्रदेश भर में किसानों और व्यापारियों की ओर से इसका विरोध शुरू हो गया। 

इस राज्य व्यापी विरोध के तहत विश्वकर्मा के बढ़ाना स्थित बलराम गौन सब्जी मंडी में भी किसानों ने टैक्स का विरोध किया है। किसानों का कहना है कि सरकार ने अपना खजाना भरने के लिए कृषक कल्याण टैक्स लगाया है। उससे किसानों को ही नुकसान हो रहा है। टैक्स लगाने के बाद उपज मूल्य को कम कर किसान को कीमत कम मिलेगी।


सरकार को किसानों को कल्याण हेतु पैसा चाहिए तो सरकार किसानों को क्यों मार रही है। हरी सब्जी उत्पादक किसान वेलफेयर संस्था के महामंत्री गुलाब चंद्र सैनी ने बताया कि केंद्रीय सरकार ने पूर्व में ही फल सब्जियों को सभी प्रकार के शुल्क से मुक्त रखा है। 

राजस्थान सरकार ने भी फसल सब्जियों पर पहले शुल्क से मुक्त रखा था। अब पुन: कृषक कल्याण के नाम से फल सब्जियों व अन्य कृषि जिंसों पर यह शुल्क लगाकर किसानों के साथ धोखा किया है। किसान सरकार के इस अन्याय को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।

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