शुक्रवार, 8 मई 2020

राज्य सेवाओं के अन्य अधिकारियों के आईएएस बनने का रास्ता साफ, स्क्रीनिंग के मापदंड तय किए

जयपुर। राज्य की अन्य सेवाओं से आईएएस सेवा  में विशेष चयन के लिए वित्त विभाग ने आंतरिक स्क्रीनिंग  की प्रक्रिया के नियम तय कर दिए हैं। इसके लिए कई मापदंड बनाए गए हैं। इसमें राज्य सेवा के अधिकारियों के वार्षिक कार्य मूल्यांकन का 60 प्रतिशत वेटेज रखा गया है। शैक्षणिक योग्यताओं का 24 प्रतिशत वेटेज रखा गया है। इनके अतिरिक्त विशेष पुरस्कारों को 3 प्रतिशत, स्किल्स व परफॉर्मेंस को 5 प्रतिशत और फील्ड पोस्टिंग को 8 प्रतिशत का वेटेज दिया गया है। राज्यसेवा में कार्य ग्रहण के समय और कार्य ग्रहण के बाद की योग्यताओं को 12-12 प्रतिशत का वेटेज दिया गया है। इसमें स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी और एम.फिल जैसी योग्यताओं को शामिल किया गया है।

फील्ड पोस्टिंग के वेटेज में तीन मापदंड तय

फील्ड पोस्टिंग के वेटेज में तीन मापदंड तय किए गए हैं। इनमें सभी संभागीय मुख्यालय को छोड़कर अन्य जिलों में तीन या अधिक वर्ष की फील्ड पोस्टिंग को 8 फीसदी वेटेज, जयपुर संभागीय मुख्यालय पर सेवा को 4 फीसदी और जयपुर के अलावा अन्य संभागीय मुख्यालयों पर दी गई सेवा के लिए 6 फीसदी का वेटेज आंतरिक स्क्रीनिंग के लिए तय किया गया है। आईएएस के चयन की तिथि से ठीक 10 वर्ष पूर्व के कार्य मूल्यांकन को ही विचार के लिया जाना तय किया गया है। इसमें एक वित्तीय वर्ष को चार-चार माह के तीन खंडो पर विभाजन करके विचार किया जाएगा। हर एक तिहाई भाग के लिए 2 अंक निर्धारित किए गए हैं। 

9 वर्ष की सेवा डिप्टी कलक्टर के समकक्ष जरूरी

आंतरिक स्क्रीनिंग में शामिल होने वाले अन्य राज्य सेवाओं के कर्मचारियों की निरंतर और नियमित 17 वर्ष की सेवा होना अनिवार्य की गई है। इसमें 9 वर्ष की सेवा डिप्टी कलक्टर के समकक्ष होना जरूरी होगा। इसके बाद की शेष 8 साल की सेवा भी निरंतर और नियमित होनी चाहिए। इसके साथ ही पिछले 10 वर्ष में उसके खिलाफ किसी भी तरह के जुर्माने या कार्रवाई नहीं होना चाहिए। साथ ही उत्कृष्ट सेवा अभिलेख और राज्य सेवा में स्थाईकरण होना चाहिए। इनके अतिरिक्त अन्य मापदंड भी तय किए गए हैं।

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