शुक्रवार, 1 मई 2020

प्रवासी कामगारों की आवाजाही के दौरान केंद्र के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन हो : गृह मंत्रालय

सभी राज्यों और केंद्र शासित क्षेत्रों को लॉकडाउन (बंद) के कारण फंसे हुए प्रवासी कामगारों, छात्रों और तीर्थयात्रियों की देश के अंदर आवाजाही के लिए गृह मंत्रालय की तरफ से जारी नवीनतम दिशानिर्देश का ‘सख्ती से पालन’ करना होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को यह बात कही।

केंद्र सरकार ने 29 अप्रैल को नए दिशानिर्देश जारी कर राज्यों को फंसे हुए छात्रों, प्रवासी कामगारों, पर्यटकों और तीर्थयात्रियों को उनके गृह प्रदेश या गंतव्यों तक दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए ले जाने की इजाजत दे दी थी। ये दिशानिर्देश फंसे हुए लोगों की आवाजाही के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।

प्रेस ब्रीफिंग के दौरान यह पूछे जाने पर कि कुछ राज्यों और अन्य लोगों द्वारा की गई मांग के अनुरूप क्या विशेष ट्रेनों और निजी वाहनों की इज़ाज़त भी इन लोगों के परिवहन के लिए दी जाएगी?

केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्या सलिला श्रीवास्तव ने कहा कि अभी जारी किए गए आदेश बसों के इस्तेमाल और लोगों के समूह के लिए हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या तीन मई के बाद ई-वाणिज्य गतिविधियों को फिर से शुरू किया जाएगा? श्रीवास्तव ने कहा, ‘हमें नए आदेशों के आने का इंतजार करना चाहिए।’

मालूम हो कि कोरोना वायरस के मद्देनजर देशभर में लागू लॉकडाउन का दूसरा चरण तीन मई को ख़त्म हो रहा था। इससे पहले 25 मार्च से 14 अप्रैल तक लॉकडाउन किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाकर तीन मई कर दिया गया था।

श्रीवास्तव ने गृह मंत्रालय की तरफ से आयोजित नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा, ‘आवाजाही की व्यवस्था करते समय राज्य सरकारों को कुछ निश्चित बातों का ध्यान रखना होगा। सभी राज्यों और केंद्रशासित क्षेत्रों को नोडल अधिकारी तैनात करना होगा जो ऐसे फंसे हुए लोगों के लिए मानक व्यवस्था तैयार करेगा।’

उन्होंने कहा, ‘उन्हें ऐसे लोगों को पंजीकृत करना होगा और संबंधित राज्यों को सड़क मार्ग से इनका आवागमन सुनिश्चित करने के लिये आपस में चर्चा करनी होगी।’

उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति की जांच की जाएगी और जिन लोगों में संक्रमण के लक्षण नहीं होंगे उन्हें जाने की इज़ाज़त दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि यात्रा के लिए बसों का इंतजाम किया जाएगा और इन गाड़ियों को सैनिटाइज किया जाएगा तथा बसों में यात्रियों के बैठने की व्यवस्था करते समय सामाजिक दूरी पर सख्ती से अमल किया जाएगा।

अधिकारी ने गृह मंत्रालय के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि पारगमन मार्ग में आने वाले सभी राज्य ऐसे आवागमन की इज़ाज़त देंगे और गंतव्य पर पहुंचने के बाद स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी यात्रियों की जांच करेंगे और अगर उन्हें संस्थागत पृथक-वास केंद्रों में रखने की जरूरत नहीं होगी तो उन्हें 14 दिनों तक घर पर पृथक-वास की इज़ाज़त दी जाएगी। यात्रियों की नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच की जाएगी और उनकी निगरानी की जाएगी।

उन्होंने कहा कि यात्रियों को ‘आरोग्य सेतु’ ऐप के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

श्रीवास्तव ने कहा, ‘सभी राज्यों को सख्ती से इन दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।’

अधिकारियों ने हैदराबाद (तेलंगाना की राजधानी) और चेन्नई (तमिलनाडु की राजधानी) गए केंद्र के अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दल (आईएमसीटी) से मिली जानकारी से भी मीडिया को अवगत कराया।

इन दलों की अध्यक्षता केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी कर रहे थे और इनमें स्वास्थ्य देखभाल, आपदा प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ शामिल थे। इस दल को देश में कोविड-19 से सबसे बुरी तरह प्रभावित जिलों में इस बीमारी की रोकथाम के लिये उठाए गए कदमों की समीक्षा करने को कहा गया है।

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