जयपुर। राज्य सरकार की ओर से प्रदेश में अब ई-पास व्यवस्था लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत भले ही गृह विभाग को ई-पास जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है लेकिन पहले ही दिन ई-पास जारी करने की प्रक्रिया ने लोगों के पसीने छुड़ा दिए।
व्यवस्था लागू करने के दूसरे दिन तक ई-पास जारी करने के सॉफ्टवेयर को अपडेट नहीं किया गया। इसका असर यह रहा कि जिला प्रशासन पास के लिए आए आवेदनों को गृह विभाग को नहीं भेज पाया। सभी आवेदन प्रशासन के पास अटके रहे।
जिला कलक्ट्रेट में मौत, शादी और मेडिकल सेवाओं के पास बनवाने के लिए भी लोग चक्कर लगाते रहे। जयपुर की बात करें तो जिला कलक्ट्रेट सहित पुलिस और आरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन एक हजार आवेदन आ रहे हैं। ऐसे में जांच के बाद करीब 400 पास जारी किए जा रहे थे।
दरअसल, प्रदेश की सीमाओं को सील करने के बाद सरकार ने मैनुअल पास जारी करने की व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया है। वहीं, लॉकडाउन में आने जाने के लिए ई-पास ही वैध होगा। नई व्यवस्था के तहत गृह विभाग की अनुमति के बाद ही पास जारी किए जाएंगे। 'राजकोप सिटीजन ऐप' के जरिए किए गए आवेदन किए ही पुलिस और प्रशासन के बीच घूम रहे हैं। ई-पास जारी करने का अधिकार जिला प्रशासन के पास है, लेकिन आवेदन करने के बाद ई-पास संबंधित डीसीपी कार्यालय में जा रहे हैं। ऐसे में पुलिस की ओर से वापस आवेदनों को जिला प्रशासन के लिए भेजना पड़ रहा है।
जिला प्रशासन के पास आवेदन आने के बाद आगे की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। जिला कलेक्टर जोगाराम ने कहा की लॉक डाउन में वैसे तो घर से बाहर निकलने की जरूरत ही नहीं हैं। अगर आवश्यक काम है तो ऑनलाइन पास जारी किए जाएंगे, जो गृह विभाग की ओर से जारी होंगे। अभी सॉफ्टवेयर में अपडेट नहीं हुआ है.। हमने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग को सूचना की है।

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