जयपुर। कोरोना संकट के कारण देशभर में लागू लॉकडाउन को केन्द्र सरकार ने शनिवार को 17 मई तक बढ़ाने की गाइडलाइन जारी की है। लेकिन इसमें ज्यादातर पाबंदियां अब कंटेनमेंट जोन तक सिमट कर रह गई हैं। केंद्र सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत गाइडलाइन जारी की है। केंद्र सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदियों को राज्य कम नहीं कर सकेंगे। लेकिन वे चाहें तो इन्हें सख्त कर सकते हैं। किसी भी जिले में दी गई सभी छूट वापस भी ले सकते हैं। प्रदेश की गहलोत सरकार केन्द्र की नई लॉकडाउन का शनिवार को अध्ययन कर इसकी पालना की अपनी संशोधित गाइडलाइन जारी करेगी। ऐसे में प्रदेश में किस तरह की छूट शामिल होगी यह सरकार की गाइडलाइन पर निर्भर करेगा।
राजधानी जयपुर सहित 8 जिले रेड जोन मे
राजस्थान में राजधानी जयपुर सहित 8 जिले रेड जोन में हैं। वहीं 19 ऑरेंज और 6 जिले ग्रीन जोन में हैं। रेड जोन में जयपुर और जोधपुर सहित कोटा, अजमेर, भरतपुर नागौर, बांसवाड़ा और झालावाड़ जिला शामिल हैं। ऑरेंज जोन में टोंक, जैसलमेर, दौसा, झुंझुनूं, हनुमानगढ़, भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, उदयपुर, धौलपुर, सीकर, अलवर, बीकानेर, चूरू, पाली, बाड़मेर, करौली और राजसमंद शामिल हैं। वहीं ग्रीन जोन बारां, बूंदी, श्रीगंगानगर, जालोर, सिरोही और प्रतापगढ़ जिला इस श्रेणी में रखे गए हैं।
क्या हैं रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन
रेड जोन वह है जहां एक्टिव केस ज्यादा हैं या उसे कोरोना का हॉट-स्पॉट माना गया है। ऑरेंज जोन में वो जिले शामिल हैं जहां 14 दिन में कोई नया मरीज नहीं आया है। ग्रीन जोन में वो इलाके शामिल हैं जहां मरीज मिला ही नहीं या फिर 21 दिन से कोई नया केस नहीं मिला हो।
तीनों जोन में शराब, पान, गुटखा की दुकानें खुलेगी
लॉक डाउन-3 के तहत केन्द्र की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में शराब, पान और गुटखा की दुकानें खोलने की अनुमति दी गई है। लेकिन यहां भी कम से कम 2 गज की दूरी जरूरी होगी। वहां एक समय में 5 से ज्यादा लोग खड़े नहीं हो सकेंगे। सार्वजनिक स्थानों पर इनका सेवन और थूकना अपराध होगा। कंटेनमेंट जोन में शराब, पान, गुटखा की दुकानें खोलने की अनुमति नहीं होगी।

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