केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने कोरोना महामारी और लॉकडाउन के चलते बिहार समेत दूसरे राज्यों को लौटे प्रवासी मजदूरों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए राज्यों के चुनाव अधिकारियों से विशेष अभियान चलाने को कहा है। आयोग के इस फरमान का असर आगामी चुनावों पर पड़ने के कयास लगाए जा रहे हैं।
इसका सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश और बिहार में पड़ेगा। यूपी में पंचायत और बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। वित्त मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, कोरोना और लॉकडाउन की वजह से करीब आठ करोड़ प्रवासी मजदूर घरों को लौटे हैं। केवल यूपी में 30 लाख और बिहार में 25 लाख मजदूर लौटे हैं। बिहार में अभी सात करोड़ 18 लाख मतदाता हैं।
प्रवासियों के लौटने से उम्मीद है कि कम से कम 16 लाख नए मतदाताओं के नाम सूची में जुड़ेंगे। आयोग ने राज्यों से प्रवासी मजदूरों के नाम सूची में शामिल करने को कहा है। राज्य जरूरत के मुताबिक, विशेष अभियान भी चला सकेंगे। प्रवासी मजदूर ऑनलाइन भी मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा जिला स्तर पर कैंप लगाकर भी नए नाम जोड़े जा रहे हैं।

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