जयपुर। कोरोना वायरस के लगातार फैल रहे संक्रमण के कारण प्रदेश की 3,878 ग्राम पंचायतों के ही नहीं, बल्कि 129 नगर निकाय के भी अगस्त माह में प्रस्तावित चुनावों पर संकट के बादल छाने लग गये हैं। निकाय चुनाव अगस्त माह में करवाए जायें या फिर स्थगित कर दिए जाएं इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग संशय की स्थिति में है। क्योंकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि अगस्त के महीने में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा रहेगा।
प्रदेश के 129 नगर निकायों का कार्यकाल अगस्त महीने में समाप्त हो रहा है। ऐसे में अगस्त महीने में इन नगर निकायों के चुनावी कार्यक्रम पर आशंकाओं के बादल मंडराने लग गए हैं। इसको लेकर राज्य निर्वाचन आयोग 10 जुलाई को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, गृह विभाग, पंचायतीराज एवं ग्रामीण विकास विभाग और स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुखों के साथ बैठक करेगा। इस बैठक में आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी करने या स्थगित करने पर निर्णय लेगा।
अगस्त में पूरा हो रहा है कार्यकाल
प्रदेश के 129 नगर निकायों का कार्यकाल अगस्त महीने में समाप्त हो रहा है। आयोग चाहता है कि अगस्त महीने में ही चुनाव हो जाये लेकिन, कोरोना वायरस खतरे के मद्देनजर वह झिझक रहा है। राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश की 129 नगर निकायों के लिए जारी पुनरीक्षण कार्यक्रम पूरा कर लिया है। आयोग ने 3 जुलाई को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने और संशोधन करने कार्य को पूरा कर लिया है। आयोग ने दावे एवं आक्षेपों के निस्तारण की अवधि 10 जुलाई तय की है। निर्वाचक नामावलियों का अंतिम प्रकाशन 20 जुलाई को किया जाएगा।
सोशल डिस्टेंसिंग की पालना मुश्किल
राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों का कहना है कि शहरी मतदाता अपनी सरकार चुनने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग की पालना करेंगे इसको लेकर संशय है। आमतौर पर देखा गया है कि मतदाता सरकार द्वारा कोरोना महामारी के लिए जारी की गई गाइडलाइन की पालना ही पूरी तरह से नहीं कर रहे हैं। मतदान केंद्रों पर 2 गज की दूरी की पालना होना भी मुश्किल लग रहा है। ऐसे में कोरोना का खतरा बढ़ जाएगा।
मतदाता सूचियों का पठन-पाठन का काम भी नहीं कराया गया है
उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने आशंका जताई है कि अगस्त महीने में कोरोना वायरस का खतरा सबसे ज्यादा रहेगा। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते आयोग ने मतदान केन्द्रों और वार्डों में सभाएं आयोजित कर मतदाता सूचियों का पठन-पाठन का काम भी नहीं कराया है।

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