जयपुर। परिवहन विभाग की ओर से बिहार जाने के लिए जारी किए गए निजी बसों के परमिट को लेकर बिहार सरकार ने आपत्ति जता दी। इतना ही नहीं, राजधानी से गए श्रमिकों की सूचना नहीं भेजे जाने पर नाराजगी जताई। बात जिला प्रशासन तक पहंची तो मजदूरों की सूचनाएं वापस भिजवाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
हालांकि, बाद में सामने आया कि परिवहन विभाग अपने स्तर पर ही बिहार सरकार को बसों में जाने वाले 1643 मजदूरों की सूचना भिजवा चुका था।
जानकारी के अनुसार पिछले सप्ताह परिवहन विभाग ने श्रमिकों को गृह राज्यों में भेजने के लिए निजी बसों को परमिट दिया था। इसमें 60 बसें बिहार गई थी। जहां बिना सूचना आने पर कुछ बसों को रोक दिया गया।
परिवहन आयुक्त रवि जैन ने बताया कि गलतफहमी के कारण ऐसा हुआ। विभाग ने भेजी गई सूचानाएं वापस भेज दी थी। वहीं, जिला प्रशासन को भी अवगत करा दिया गया है। बसों वापिस राजस्थान आ चुकी हैं। इस मामले में जिला कलेक्टर जोगाराम ने बताया कि बिहार में आपत्ति के बाद भेजे गए मजदूरों की सूचननाएं वापस भिजवाई है।
साथ ही आपको बता दें कि प्रवासियों और श्रमिकों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने की प्रक्रिया के दौरान आसाम में गुरूवार को चार पॉजिटिव मामले राजस्थान से जुड़े बताए गए हैं। आसाम के स्वास्थ्य मंत्री हिमांता बिसवा सरमा ने ट्वीट कर कहा कि आसाम के चेचर जिले में राजस्थान से आए चार लोग पॉजिटिव मिले हैं। उन्होंने इसे लेकर लोगों से अलर्ट रहने की अपील की है।
गौरतलब है कि प्रदेश से लोगों को ट्रेनों और बसों के जरिये इस समय अपने गंतव्य तक पहुंचाया जा रहा है।

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