गुरुवार, 6 फ़रवरी 2020

संसद सत्र : सीएए पर बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी- कांग्रेस के लिए जो थे सिर्फ मुस्लिम, वो हमारे लिए केवल हिंदुस्तानी

संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब दिया। इस दौरान वो पूरे रौ में नजर आए। राष्ट्रपति के धन्यवाद ज्ञापन के बाद उन्होंने मजाकिए लहजे में तो कभी अक्रामक अंदाज में कांग्रेस और विपक्ष के घेरा। सीएए और कश्मीर मु्द्दे को लेकर राहुल गांधी से लेकर पूर्व प्रधानमंत्री नेहरू पर भी हमला बोला। वहीं समूचे विपक्ष को कई नसीहतें भी दीं। 


राहुल गांधी के डंडे वाले बयान पर पलटवार

पीएम मोदी ने राहुल गांधी के एक बयान का जिक्र संसद में किया। राहुल ने बुधवार को एक चुनावी रैली में कहा था कि 6 महीने बाद देश के युवा पीएम मोदी को डंडे मारेंगे। पीएम ने कहा कि मैंने भी तय कर लिया कि सूर्य नमस्कार की संख्या बढ़ा दूंगा। ताकि मेरी पीठ को मार झेलने की सहनशक्ति बढ़ जाये। पीएम ने कहा कि पिछले 20 साल से गाली सुनने की आदत पड़ गयी है।

राहुल पर तंज कसते हुए कहा कि 35 मिनट से बोल रहा हूं लेकिन अब जाकर करंट लगा है। पीएम ने कहा कि 30-40 मिनट से बोल रहा था मगर करंट पहुंचते हुए इतनी देर लगी। ट्यूबलाइट के साथ ऐसा ही होता है।

कांग्रेस के लिए जो मुस्लिम वो हमारे लिए हिन्दुस्तानी

पीएम कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि सीएए लाने की क्या जल्दी थी, कुछ लोगों ने कहा कि हम हिन्दु-मुस्लिम कर रहे हैं। हम लोगों को बांटना चाहते हैं। पीएम ने कहा कि जो लोग ऐसा कह रहे हैं वो टुकड़े-टुकड़े समुदाय के लोगों के साथ हैं। उनके साथ फोटो खिंचवा रहे हैं। पीएम ने कहा कि ऐसी भाषा पाकिस्तान की है। इन लोगों ने देश के मुसलमानों को भ्रमित करने की कोशिश की है, लेकिन अब इनका बयान काम नहीं करता है।

पीएम ने कहा कि कांग्रेस के लिए जो लोग मुस्लिम हैं वो हमारे लिए हिन्दुस्तानी हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें याद दिलाया जा रहा है कि क्विट इंडिया और जय हिंद का नारा देने वाले हमारे मुस्लिम ही थे। दिक्कत यही है कि कांग्रेस की नजर में ये लोग हमेशा ही सिर्फ और सिर्फ मुस्लिम थे। लेकिन हमारे लिए, हमारी नजर में वो भारतीय हैं, हिंदुस्तानी हैं।  

हमने महंगाई नियंत्रण में रखा

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने महंगाई को नियंत्रण में रखा है। इस पर विपक्ष के सदस्यों ने हंगामा किया। उन्होंने कहा कि हमने वित्तीय घाटा को काबू में रखा है। मैक्रो इकोनॉमिक स्तर पर स्थिरता है। हम निवेशकों का विश्वास बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। देश की अर्थव्यस्था मजबूत हो इसके लिए हमने कई कदम उठाए हैं।

विपक्ष को आलोचक नहीं, मार्गदर्शक मानता 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब विपक्ष मुझसे पूछता है कि ये काम क्यों नहीं हुआ है, तो इसे मैं आलोचना नहीं समझता हूं, बल्कि इसे मैं आलोचना मानता हूं। क्योंकि आपने विश्वास जताया है और आपने ये समझा है कि करेगा तो यही करेगा। पीएम ने कहा कि मैं सब कुछ करूंगा, लेकिन एक काम नहीं करूंगा, और वो काम ये है कि मैं आपकी बेरोजगारी कभी खत्म नहीं करूंगा।

 यहां स्वामी विवेकानंद के कंधे से बंदूकें चलाई गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि बुधवार को यहां स्वामी विवेकानंद के कंधे पर बंदूक चलाई गई। उन्होंने कहा कि जो उन्हें जैसा समझ पाता है वैसा ही बयान देता है। इससे पहले पीएम मोदी ने कहा कि इस बार के बोडो समझौते में सभी हथियार बंद ग्रुप साथ आए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इसमें लिखा है कि इसके बाद बोडो की कोई मांग बाकी नहीं रही है। आज नई सुबह भी आई है, नया सवेरा भी आया है, नया उजाला भी आया है। और वो प्रकाश, जब आप अपने चश्मे बदलोगे तब दिखाई देगा।

संविधान के नाम पर क्या हो रहा है

प्रधानमंत्री कहा कि वे संविधान बचाओ का जिक्र करने वाले लोगों से पूछना चाहते हैं कि देश में आपातकाल किसने लागू किया। न्यायपालिका की गरिमा पर आघात किसने पहुंचाया। संविधान में सबसे ज्यादा संशोधन किसने किया। जिन लोगों ने ये सब किया है उन्हें संविधान को याद रखने की जरूरत है। पीएम ने कहा कि एनएसी के जरिये रिमोट कंट्रोल सरकार कौन लेकर आया, जिसका सरकार चलाने में पीएम और पीएमओ से बड़ा रोल था। भारत के लोग देख रहे हैं कि देश में संविधान के नाम पर क्या हो रहा है।

पीएम बोले- ये पब्लिक है सब जानती है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शाहीन बाग का अप्रत्यक्ष जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रदर्शन को किसका समर्थन हासिल है ये उन्हें पता है। पीएम मोदी ने एक शायर का जिक्र करते हुए कहा कि,
ख़ूब पर्दा है, कि चिलमन से लगे बैठे हैं।
साफ़ छुपते भी नहीं, सामने आते भी नहीं!!
ये पब्लिक सब जानती है। समझती है।

शशि थरूर आप तो कश्मीर के दामाद रहे

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का जिक्र आने पर पीएम मोदी ने कहा कि पहले कश्मीर की पहचान बम, बंदूक और आतंकवाद बना कर रख दी गई थी। उन्होंने कहा कि 1990 में ही कश्मीर की पहचान को दफना दिया गया था। जब वहां से कश्मीरी पंडितों को भागना करना पड़ा था। पीएम ने कहा कि कश्मीर की पहचान सूफीवाद थी।

शशि थरूर पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा कि आप तो कश्मीर के आप दामाद रहे हो, आपको तो वहां की बेटियों के बारे में सोचना चाहिए था। पीएम ने कहा कि कुछ लोग कहते थे कि 370 हटाने के बाद आग लग जाएगी। कितने बड़े भविष्यवत्ता थे वे। पीएम ने जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती और उमर अब्दुल्ला के बयान का भी जिक्र किया।

कांग्रेस की बड़ी दिक्कतें

पीएम मोदी बोले- कांग्रेस की दिक्कत ये हैं कि वो बाते करती है, झूठे वादे करती है और दशकों तक उन वादों को टालती रहती है। आज हमारी सरकार अपने राष्ट्र निर्माताओं की भावनाओं पर चलते हुए फैसले ले रही है, तो इनकों दिक्कत हो रही है। मैं फिर से इस सदन के माध्यम से बड़ी जिम्मेदारी के साथ स्पष्ट कहना चाहता हूं कि सीएए से हिंदुस्तान के किसी भी नागरिक पर कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला। चाहे वो मुस्लिम हो, हिंदू हो, सिख हो या अन्य किसी धर्म को मानने वाला हो। 

महबूबा, उमर और फारुख अब्दुल्ला पर वार 

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का जिक्र आने पर पीएम मोदी ने कहा कि पहले कश्मीर की पहचान बम, बंदूक और आतंकवाद बना कर रख दी गई थी कश्मीर भारत का मुकुटमणि है। कश्मीर की पहचान बम, बंदूक और अलगाववाद की बना दी गई थी। 19 जनवरी 1990 की वो काली रात को कुछ लोगों ने कश्मीर की पहचान को दफना दिया था। कश्मीर की पहचान सूफी परंपरा और सर्व पंथ समभाव की है। 

महबूबा मुफ्ती जी ने कहा था कि भारत ने कश्मीर के साथ धोखा किया है। हमने जिस देश के साथ रहने का फैसला किया था, उसने हमें धोखा दिया है। ऐसा लगता है कि हमने 1947 में गलत चुनाव कर लिया था। संविधान को मानने वाले लोग ऐसी बात को स्वीकार कर सकते हैं क्या? उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि अनुच्छेद 370 को हटाना ऐसा भूकंप लाएगा कि कश्मीर भारत से अलग हो जाएगा। फारुख अब्दुल्ला ने कहा था 370 को हटना कश्मीर के लोगों की आजादी का मार्ग प्रशस्त करेगा। क्या ऐसी बातों को कोई स्वीकार कर सकता है क्या?

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