पाकिस्तान इस प्रकरण पर कैसी प्रतिक्रिया देता है, यह उस पर निर्भर है अपनी हरकतों से ही बर्बाद हो जायेगा । पाकिस्तान भारत का रुख यहां बिल्कुल स्पष्ट है कि भारत ने साफ कह दिया है कि उसने पाकिस्तान की सेना पर नहीं, बल्कि आतंकी ठिकानों पर हमले किये हैं। जबकि पाकिस्तान ने सीधे तौर पर भारतीय सेना को निशाना बनाकर हमला करने की कोशिश की है। परिस्थितियों को बिगाड़ने की कोशिश पाकिस्तान कर रहा है।
एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। यही वजह है कि अपने बचाव में पाकिस्तान सेना ऐसे कदम उठा रही है। लेकिन, इतना स्पष्ट है कि पाकिस्तान सेना जो भी हरकत करेगी, भारतीय सेनाएं उसका मुंहतोड़ जवाब देंगी। पाकिस्तान आतंक के मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रहा है। वह बार-बार नाभिकीय हथियारों की जो धमकी दे रहा है, वह भूलकर भी ऐसी गलती नहीं करेगा। अगर पाकिस्तान ऐसा करने की भूल करता है कि तो दुनिया के नक्शे से हमेशा के लिए मिट जायेगा। सैन्य शक्ति के मामले में भारत बहुत आगे है।
भारत का दृष्टिकोण बिल्कुल स्पष्ट है कि अगर कुछ गलत करोगे, तो बचोगे नहीं। अगर वाकई पाकिस्तान शांति चाहता है, तो उसे मिल बैठकर आतंक के मसले को हल करना चाहिए। मुद्दा तो यही है कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देना बंद करे।
पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को बड़ा सबक मिला है। इसका निश्चित ही बड़ा फर्क पड़ेगा। पाकिस्तान भी अब समझ चुका है कि भारत अब ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
जहां तक कश्मीर का मामला है, हालात पहले से अधिक नियंत्रण में है। कश्मीर में 1990-91 में वहां के हालातों उससे आज के हालात बहुत बेहतर हैं। यह कुछ दिनों की बात है कि परिस्थितियां धीरे-धीरे सामान्य होती जायेंगी। पाकिस्तान ऐसी स्थिति में थोड़ा बहुत दिखावे की अक्रामता कर सकता है।
हो सकता है कि छोटा-मोटा कब्जा करके किसी पोस्ट पर बैठ जाय, इससे ज्यादा वह कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं है। उसकी वायुसेना इतनी सक्षम नहीं है कि ज्यादा कुछ कर पाये। उनके लड़ाकू विमान को हमारी सेना ने उसके ही क्षेत्र में मार गिराया है। भारत के लिए आतंकवाद बड़ी समस्या है और इसके हल के लिए भारत हर समाधान को आजमायेगा, जरूरत पड़ेगी तो युद्ध भी करेगा। एक दो सर्जिकल स्ट्राइक या एयर स्ट्राइक से कोई फर्क नहीं पड़नेवाला। पाकिस्तान को समय-समय ऐसा सबक सिखाते रहना जरूरी है। जरूरत है कि किसी भी नापाक हरकत का तुरंत जवाब दिया जाय, न कि उसका इंतजार किया जाय। इस मामले में इस्राइल की नीति स्पष्ट है कि जितना नुकसान होता है, उसका तय समय में उसकी सेना बदला ले लेती है। पाकिस्तान के हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं।
कहावत है कि गीदड़ की मौत आती है कि वह बाजार की तरफ भागता है। कुछ यही हाल पाकिस्तान का भी है। उसने ईरान के साथ पंगा ले लिया है, अफगानिस्तान और भारत के साथ वह पहले से ही उलझा हुआ है। चार में से तीन बॉर्डर यानी लगभग 98 फीसदी सीमा पर तनाव की स्थिति है। ऐसे में उसे खुद हालातों को सामान्य करने का प्रयास करना चाहिए। लेकिन, वह समस्या को बढ़ाना चाहता है।
इमरान खान के हाथ में कुछ है भी नहीं, वह चाह कर भी कुछ नहीं कर सकता। पूरे पाकिस्तान में चरमपंथी सक्रिय हैं, जो उसकी समस्याएं बढ़ा रहे हैं। ऐसे में अगर पाकिस्तान सुधार नहीं करता है, तो जल्द ही बिखर जायेगा। पाकिस्तान स्वत: ही खत्म कर लेगापाकिस्तान इस प्रकरण पर कैसी प्रतिक्रिया देता है, यह उस पर निर्भर है। भारत का रुख यहां बिल्कुल स्पष्ट है कि भारत ने साफ कह दिया है कि उसने पाकिस्तान की सेना पर नहीं, बल्कि आतंकी ठिकानों पर हमले किये हैं। जबकि पाकिस्तान ने सीधे तौर पर भारतीय सेना को निशाना बनाकर हमला करने की कोशिश की है। परिस्थितियों को बिगाड़ने की कोशिश पाकिस्तान कर रहा है।
एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। यही वजह है कि अपने बचाव में पाकिस्तान सेना ऐसे कदम उठा रही है। लेकिन, इतना स्पष्ट है कि पाकिस्तान सेना जो भी हरकत करेगी, भारतीय सेनाएं उसका मुंहतोड़ जवाब देंगी। पाकिस्तान आतंक के मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रहा है। वह बार-बार नाभिकीय हथियारों की जो धमकी दे रहा है, वह भूलकर भी ऐसी गलती नहीं करेगा। अगर पाकिस्तान ऐसा करने की भूल करता है कि तो दुनिया के नक्शे से हमेशा के लिए मिट जायेगा। सैन्य शक्ति के मामले में भारत बहुत आगे है।
पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को बड़ा सबक मिला है। इसका निश्चित ही बड़ा फर्क पड़ेगा. पाकिस्तान भी अब समझ चुका है कि भारत अब ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
पहले बातचीत होती रहती थी और पाकिस्तान अपने ढर्रे पर टिका रहता था। मुंबई में आतंकियों ने सैकड़ों लोगों को मार दिये, हमने सुबूत दिये, लेकिन पाकिस्तान कार्रवाई से बचता रहा। बातचीत की, लेकिन कोई नहीं निकला। पहली बार सेना ने जता दिया है कि कार्रवाई के लिए हमारे सामने कोई बाधा नहीं है। नियंत्रण रेखा या एलओसी कोई लक्ष्मण रेखा नहीं है, जिसे हम पार नहीं कर सकते। बार-बार पाकिस्तान दुस्साहस करेगा, ऐसा संभव भी नहीं है। भारतीय सेना को निशाना बनाकर जिस तरह से आतंकी और पाकिस्तानी सेना हमले कर रही है, उसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।
इमरान खान के हाथ में कुछ है भी नहीं, वह चाह कर भी कुछ नहीं कर सकता। पूरे पाकिस्तान में चरमपंथी सक्रिय हैं, जो उसकी समस्याएं बढ़ा रहे हैं. ऐसे में अगर पाकिस्तान सुधार नहीं करता है, तो जल्द ही बिखर जायेगा. पाकिस्तान स्वत: ही खत्म कर लेगा।
एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। यही वजह है कि अपने बचाव में पाकिस्तान सेना ऐसे कदम उठा रही है। लेकिन, इतना स्पष्ट है कि पाकिस्तान सेना जो भी हरकत करेगी, भारतीय सेनाएं उसका मुंहतोड़ जवाब देंगी। पाकिस्तान आतंक के मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रहा है। वह बार-बार नाभिकीय हथियारों की जो धमकी दे रहा है, वह भूलकर भी ऐसी गलती नहीं करेगा। अगर पाकिस्तान ऐसा करने की भूल करता है कि तो दुनिया के नक्शे से हमेशा के लिए मिट जायेगा। सैन्य शक्ति के मामले में भारत बहुत आगे है।
भारत का दृष्टिकोण बिल्कुल स्पष्ट है कि अगर कुछ गलत करोगे, तो बचोगे नहीं। अगर वाकई पाकिस्तान शांति चाहता है, तो उसे मिल बैठकर आतंक के मसले को हल करना चाहिए। मुद्दा तो यही है कि पाकिस्तान आतंकियों को पनाह देना बंद करे।
पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को बड़ा सबक मिला है। इसका निश्चित ही बड़ा फर्क पड़ेगा। पाकिस्तान भी अब समझ चुका है कि भारत अब ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
जहां तक कश्मीर का मामला है, हालात पहले से अधिक नियंत्रण में है। कश्मीर में 1990-91 में वहां के हालातों उससे आज के हालात बहुत बेहतर हैं। यह कुछ दिनों की बात है कि परिस्थितियां धीरे-धीरे सामान्य होती जायेंगी। पाकिस्तान ऐसी स्थिति में थोड़ा बहुत दिखावे की अक्रामता कर सकता है।
हो सकता है कि छोटा-मोटा कब्जा करके किसी पोस्ट पर बैठ जाय, इससे ज्यादा वह कुछ कर पाने की स्थिति में नहीं है। उसकी वायुसेना इतनी सक्षम नहीं है कि ज्यादा कुछ कर पाये। उनके लड़ाकू विमान को हमारी सेना ने उसके ही क्षेत्र में मार गिराया है। भारत के लिए आतंकवाद बड़ी समस्या है और इसके हल के लिए भारत हर समाधान को आजमायेगा, जरूरत पड़ेगी तो युद्ध भी करेगा। एक दो सर्जिकल स्ट्राइक या एयर स्ट्राइक से कोई फर्क नहीं पड़नेवाला। पाकिस्तान को समय-समय ऐसा सबक सिखाते रहना जरूरी है। जरूरत है कि किसी भी नापाक हरकत का तुरंत जवाब दिया जाय, न कि उसका इंतजार किया जाय। इस मामले में इस्राइल की नीति स्पष्ट है कि जितना नुकसान होता है, उसका तय समय में उसकी सेना बदला ले लेती है। पाकिस्तान के हालात लगातार बदतर होते जा रहे हैं।
कहावत है कि गीदड़ की मौत आती है कि वह बाजार की तरफ भागता है। कुछ यही हाल पाकिस्तान का भी है। उसने ईरान के साथ पंगा ले लिया है, अफगानिस्तान और भारत के साथ वह पहले से ही उलझा हुआ है। चार में से तीन बॉर्डर यानी लगभग 98 फीसदी सीमा पर तनाव की स्थिति है। ऐसे में उसे खुद हालातों को सामान्य करने का प्रयास करना चाहिए। लेकिन, वह समस्या को बढ़ाना चाहता है।
इमरान खान के हाथ में कुछ है भी नहीं, वह चाह कर भी कुछ नहीं कर सकता। पूरे पाकिस्तान में चरमपंथी सक्रिय हैं, जो उसकी समस्याएं बढ़ा रहे हैं। ऐसे में अगर पाकिस्तान सुधार नहीं करता है, तो जल्द ही बिखर जायेगा। पाकिस्तान स्वत: ही खत्म कर लेगापाकिस्तान इस प्रकरण पर कैसी प्रतिक्रिया देता है, यह उस पर निर्भर है। भारत का रुख यहां बिल्कुल स्पष्ट है कि भारत ने साफ कह दिया है कि उसने पाकिस्तान की सेना पर नहीं, बल्कि आतंकी ठिकानों पर हमले किये हैं। जबकि पाकिस्तान ने सीधे तौर पर भारतीय सेना को निशाना बनाकर हमला करने की कोशिश की है। परिस्थितियों को बिगाड़ने की कोशिश पाकिस्तान कर रहा है।
एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान की जनता में आक्रोश बढ़ रहा है। यही वजह है कि अपने बचाव में पाकिस्तान सेना ऐसे कदम उठा रही है। लेकिन, इतना स्पष्ट है कि पाकिस्तान सेना जो भी हरकत करेगी, भारतीय सेनाएं उसका मुंहतोड़ जवाब देंगी। पाकिस्तान आतंक के मुद्दे को भटकाने की कोशिश कर रहा है। वह बार-बार नाभिकीय हथियारों की जो धमकी दे रहा है, वह भूलकर भी ऐसी गलती नहीं करेगा। अगर पाकिस्तान ऐसा करने की भूल करता है कि तो दुनिया के नक्शे से हमेशा के लिए मिट जायेगा। सैन्य शक्ति के मामले में भारत बहुत आगे है।
पाकिस्तानी आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की कार्रवाई के बाद पाकिस्तान को बड़ा सबक मिला है। इसका निश्चित ही बड़ा फर्क पड़ेगा. पाकिस्तान भी अब समझ चुका है कि भारत अब ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं करेगा।
पहले बातचीत होती रहती थी और पाकिस्तान अपने ढर्रे पर टिका रहता था। मुंबई में आतंकियों ने सैकड़ों लोगों को मार दिये, हमने सुबूत दिये, लेकिन पाकिस्तान कार्रवाई से बचता रहा। बातचीत की, लेकिन कोई नहीं निकला। पहली बार सेना ने जता दिया है कि कार्रवाई के लिए हमारे सामने कोई बाधा नहीं है। नियंत्रण रेखा या एलओसी कोई लक्ष्मण रेखा नहीं है, जिसे हम पार नहीं कर सकते। बार-बार पाकिस्तान दुस्साहस करेगा, ऐसा संभव भी नहीं है। भारतीय सेना को निशाना बनाकर जिस तरह से आतंकी और पाकिस्तानी सेना हमले कर रही है, उसका भारतीय सेना मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।
इमरान खान के हाथ में कुछ है भी नहीं, वह चाह कर भी कुछ नहीं कर सकता। पूरे पाकिस्तान में चरमपंथी सक्रिय हैं, जो उसकी समस्याएं बढ़ा रहे हैं. ऐसे में अगर पाकिस्तान सुधार नहीं करता है, तो जल्द ही बिखर जायेगा. पाकिस्तान स्वत: ही खत्म कर लेगा।

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