मंगलवार, 4 जून 2019

राज्य में औद्योगिक निवेश का बेहतर माहौल, अब सरकारी दखलदांजी नहीं

जयपुर। उद्योग व राजकीय उपक्रम मंत्री परसादी लाल मीणा ने औद्योगिक प्रतिष्ठानों से विराट केनवासी सोच के साथ आगे आते हुए प्रदेश में सीएसआर गतिविधियों को विस्तारित व संचालित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण तैयार करने जा रही है जिससे प्रदेश में अधिक से अधिक औद्योगिक निवेश व रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे।

उद्योग मंत्री मीणा मंगलवार को होटल मैरियट में आयोजित तीसरे सीएसआर समिट और अवार्ड सेरेमनी समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने 17 कंपनियों/संस्थाओं को सीएसआर पुरस्कारों का वितरण और एनजीओ बाॅक्स के भौमिक शाह ने सीएसआर प्रस्तुत की जिसे अतिथियों द्वारा जारी किया गया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से सामाजिक दायित्व के क्षेत्र में टाटा बिडला का नाम और पहचान है उसी तरह के काम और पहचान प्रदेश के अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों वेदान्ता, हीरो होण्डा, जिंदल व अन्य कंपनियों की होनी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि कंपनियां आगे आकर टाटा बिडला की तरह स्थाई पहचान के काम कराएं। उन्होंने कहा कि सीएसआर गतिविधियों के संचालन के लिए कंपनियां स्वायत्त है और स्वविवेक से संचालित कर रही है ऐसे में ठोस विकास के कार्य, पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, गौशालाओं आदि के लिए किए जाएंगे तो अधिक से अधिक प्रदेशवासियों तक सुविधाएं पहुचेंगी।

मीणा ने कहा कि प्रदेश में जल्दी ही नई उद्योग नीति लाई जा रही है। नए अध्यादेश के माध्यम से प्रदेश में उद्योग स्थापित करना आसान हो गया है और अब तीन साल तक किसी भी औपचारिकता को पूरा नहीं करना होगा और किसी तरह की सरकारी दखलन्दाजी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि अब उद्यमी उद्योग धन्धों की स्थापना के लिए अन्य प्रदेशों की और नहीं देखे और प्रदेश मे ही उद्योग धन्धे स्थापित करें। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग डाॅ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों पर ट्रस्ट (विश्वास) करते हुए सेल्फ डिक्लरेशन के आधार पर प्रदेश में उद्योग स्थापित करने की स्वायत्तता का अध्यादेश लागू कर समूचे देश में अग्रणी पहल कर चुकी है। 

उन्होंने बताया कि नए लगने वाले उद्योग तीन साल तक सरकारी औपचारिकताओं से मुक्त रहेंगे और पूरी तरह से निरीक्षण मुक्त होंगे। डाॅ. अग्रवाल ने बताया कि समूचे देश में औद्योगिक निवेश की नई अग्रगामी औद्योगिक नीति जल्दी ही लागू की जाएगी जिससे ग्रीन पाॅलिसी, स्टार्टअप और औद्योगिकोन्मुखी व्यवस्था होगी। उन्होंने बताया कि सरकार सरलीकरण की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।

राज्य के सीएसआर सचिव डाॅ. कृृष्णाकांत पाठक ने ट्रिपल टी की चर्चा करते हुए सीएसआर, क्राउडिंग फण्डिंग और चेरिटी के माध्यम से सामाजिक दायित्वों का निर्वहन में भागीदार बनने को कहा। प्रदेश में करीब 750 करोड़ के कार्य सीएसआर के तहत करवाए जा चुके हैं। उन्होंने एसएमएस सहित शिक्षा, स्वास्थ्य, पीने के पानी जैसी गतिविधियों में भागीदार बनने को कहा।

इस अवसर पर टाटा ट्रस्ट के सीनियर एडवाइजर बर्जिस टारापोरेवाला, वेदान्ता की नंदघर सीईओ रीतू झिंगन, एनएलसी बरसिंगसर प्रोजेक्ट के सीईओ डी श्रीधरण आदि ने गतिविधियों की जानकारी दी।

इस अवसर पर उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा, अतिरिक्त मुख्य सचिव डाॅ. सुबोध अग्रवाल, सचिव सीएसआर डाॅ. कृृष्णाकांत पाठक ने कारपोरेट्स में हिन्दुस्तान जिंक, केयर्न इण्डिया, चंबल फर्टिलाइजर हीरो मोटो क्राप, हेैवल्स इण्डिया, सीमेंट, न्यूक्लियर पाॅवर कारपोरेशन आॅफ इण्डिया, आईटीसी, केस्ट्रोल इण्डिया और सीएसआर गतिविधियों की इंपलिमेंटिंग एजेसिंयों में अंबुजा सीमेंट फाउण्डेशन, अक्षय पात्र फाउण्डेशन, मोइनी फाउण्डेशन, पाथ फाइण्डर इंटरनेशनल, नोयडा डीफ सोसायटी, अर्पन सेवा संस्थान, बाॅस्क इण्डिया फाउण्डेशन और राजपुताना सोसायटी आॅफ नेचुरल हिस्ट्री के प्रतिनिधियों को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।

सीएसआर समिट में 6 सत्रों में सीएसआर से जुड़े विषयों पर जाने माने विशेषज्ञों द्वारा मंथन व चर्चा की गई। इंवेस्टिंग इन चिल्ड्रन थ्रू सीएसआर (फोकसिंग आन चाइल्ड हैल्थ, न्यूट्रिशन एण्ड चाइल्ड प्रोटेक्षन), इंपू्रविंग एजूकेशन लर्निंग आउटकम्स थ्रू सीएसआर, लिवरेजिंग सीएसआर फार बेटर हेल्थकेयर, क्रिएटिंग लाइवलीहुड अपोरच्यूनिटिज फार थ्रू सीएसआर और वाटर कंजरवेशन थ्रो सीएसआर विषय पर जाने माने विशेषज्ञों का पैनल ने मंथन किया। 

उन्होंने बताया कि अन्य के अतिरिक्त इन सत्रों में अतिरिक्त मुख्य सचिव मेडिकल रोहित कुमार सिंह, महिला एवं बाल विकास सचिव गायत्री राठौड़, जल संसाधान सचिव श्रेया गुहा, श्रम सचिव नवीन जैन, संयुक्त सचिव व निदेशक कौल विकास नजिकिया गोहेन, निदेशक समसा एनके गुप्ता आदि भी मंथन में हिस्सा लिया। इनके साथ ही विभिन्न कंपनियों व एनजीओ के सीएसआर प्रभारियों ने भी हिस्सा लिया।


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